देवास। जिले में 77वें गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय पर पुलिस परेड ग्राउण्ड पर आयोजित मुख्य समारोह में कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने झण्डावंदन कर सलामी ली। कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने सुसज्जित वाहन पर सवार होकर परेड का निरीक्षण किया। परेड निरीक्षण वाहन में पुलिस अधीक्षक श्री पुनित गेहलोद भी उपस्थित थे। परेड निरीक्षण उपरांत कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। इसके बाद सशस्त्र बलों द्वारा तीन बार हर्ष फायर किए गए। हर्ष फायर उपरांत परेड कमांडर रणजीत ठाकुर के नेतृत्व में आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। उन्होंने परेड कमाण्डरों से परिचय प्राप्त किया। मार्च पास्ट के उपरांत रंग-बिरंगे गुब्बारे को खुले आसमान में छोड़े। कलेक्टर श्री ऋतुराज सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र के प्रहरी एवं शहीदों के परिवारजनों का सम्मान किया। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, झांकियों का प्रदर्शन एवं पुरस्कार वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में महारानी राधाबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को प्रथम, बीसीएम देवास को द्वितीय तथा होली ट्रिनिटी स्कूल देवास को तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्षिप्रा को प्रोत्साहन पुरस्कार मिला। शस्त्र सहित परेड में सीआईएसएफ बीएनपी देवास को प्रथम, जिला पुलिस बल पुरूष देवास को द्वितीय, जिला होमगार्ड को तृतीय पुरस्कार मिला। शस्त्र रहित परेड में एनसीसी सिनियर केपी कॉलेज को प्रथम, एनसीसी जूनियर उत्कृष्ट विद्यालय देवास को दूसरा स्थान, एनसीसी जूनियर शासकीय महारानी चिमनाबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को तृतीय स्थान मिला। नगर सेना बैंड को प्रोत्साहन पुरस्कार मिला। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लीला अटारिया, नगर निगम आयुक्त श्री दलीप कुमार, डीएफओ श्री अमित सिंह, अपर कलेक्टर श्री शोभाराम सोलंकी, अपर कलेक्?टर संजीव जैन, एएसपी श्री जयवीर सिंह भदौरिया, एएसपी ट्राफिक श्री एच एन बॉथम, कलेक्टर सुश्री अंशु जावला, एसडीएम श्री अभिषेक सिंह, डिप्टी कलेक्टर सुश्री ऋतु चौरसिया, नगर निगम सभापति श्री रवि जैन, श्री भेरूलाल अटारिया सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण। जिला अधिकारीगण, कर्मचारीगण, पत्रकारगणों के अलावा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री अरविंद त्रिवेदी एवं श्रीमती स्वेता विवेक काकड़े ने किया।

