देवास। मंदिर भूमि नीलामी प्रक्रिया निरस्त करने की माँग को लेकर जिलेभर के पुजारियों ने जिलाधीश ऋतुराज सिंह के नाम कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा। पं. .प्रेम को कुमार वैष्णव शिवगढ़ ने बताया कि इसमें तहसीलदारों द्वारा मंदिर भूमि की नीलामी प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने का तीव्र विरोध दर्ज कराया गया। ज्ञापन में कहा गया कि विजयागंज मंडी नायब तहसीलदार द्वारा मंदिर भूमि नीलामी की विज्ञप्ति जारी की गई है, जो पुजारियों के वंशानुगत अधिकारों एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। समाजजनों ने बताया कि सदियों से पुजारी परिवार मंदिरों की पूजा-अर्चना और भूमि की देखरेख करते आए हैं। नीलामी से न केवल उनकी आजीविका प्रभावित होगी, बल्कि धार्मिक परंपराओं को भी ठेस पहुँचेगी। ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए गए, जिनमें प्रमुख हैं— सर्वोच्च न्यायालय ने 06 सितंबर 2021 के निर्णय में राज्य शासन को देवस्थान की संपत्ति नीलाम करने का अधिकार अस्वीकार किया है, फिर भी तहसीलदार ने किस आधार पर प्रक्रिया प्रारंभ की? संविधान राज्य अधिकारियों को धार्मिक संस्थानों के संचालन का अधिकार नहीं देता। राज्य शासन के आदेश (22 अप्रैल 2023) के अनुसार नीलामी प्रक्रिया पुजारी द्वारा ही की जानी चाहिए, फिर भी तहसील स्तर से आदेश जारी किए गए। भूमि पर वर्तमान कब्जे, मौके की जाँच तथा संपत्ति विवरण का अभाव है। खरीफ की फसल बोई जा चुकी है, ऐसे में नीलामी से पुजारियों और ग्रामवासियों में असमंजस बढ़ेगा तथा भूमाफियाओं को कब्जा करने का अवसर मिलेगा। विधानसभा प्रश्नोत्तर (6 अगस्त 2025) में भी स्पष्ट किया गया है कि शासन मठ-मंदिर की भूमि नीलाम नहीं कर रहा, तो जिले में नीलामी की प्रक्रिया किस अधिकार से की जा रही है, यह बड़ा प्रश्न है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि कई निजी मंदिरों पर प्रबंधक कलेक्टर की प्रविष्टि त्रुटिवश हुई है। शासन स्वयं इस संबंध में जानकारी मांग चुका है, किंतु अब तक कोई सुधारात्मक कार्यवाही नहीं हुई। समाज ने चेतावनी दी है कि तहसीलदारों द्वारा मंदिर भूमि की नीलामी न केवल पुजारी समाज के वंशानुगत अधिकारों का हनन है बल्कि संविधान के अनुच्छेद 26 का उल्लंघन भी है। अत: इस कार्यवाही को तत्काल निरस्त किया जाए अन्यथा आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान लीलाधर वैष्णव, प्रेमदास बैरागी बोडानी, महेश मेहता, कृष्णादास बैरागी जिलेभर के मंदिरों के पुजारी बड़ी संख्या में उपस्थित

