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1 Jan 2026, Thu

उपजाऊ भूमि अधिग्रहण पर किसानों का रोष, आंदोलन की तैयारी

देवास। पूर्वी और पश्चिमी आउटर रिंग रोड परियोजना के तहत लगभग 700 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि अधिग्रहण की जा रही है, जिससे 38 गांवों के करीब 1200 किसान परिवार प्रभावित होंगे। इस भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने आंदोलन का एलान किया है।

        भारतीय किसान यूनियन (सूर्यवंशी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष सपना भरोसिया ने बताया कि यदि सरकार 80 मीटर चौड़ी और 77 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड को वर्तमान प्रस्तावित एलाइनमेंट (141 या 145) पर बनाती है, तो हजारों किसानों की उपजाऊ जमीन नष्ट हो जाएगी। किसानों की मांग है कि यदि सड़क बनाना ही है तो इसे 161 नंबर एलाइनमेंट पर बनाया जाए।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसानों की आपत्ति

       8 सितंबर 2025 को दोपहर 2 बजे इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और प्रभावित किसानों ने यह स्पष्ट किया कि वे अपनी जमीन किसी भी हाल में नहीं देंगे। प्रेस वार्ता में नागौर, महू, देवास और आसपास के कई गांवों के किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने कहा कि यह परियोजना उनके जीवन-यापन और आजीविका पर सीधा प्रहार है।

शांतिपूर्ण आंदोलन की तैयारी

       भारतीय किसान यूनियन (सूर्यवंशी) के बैनर तले 12 सितंबर 2025 को खुड़ैल खाती समाज धर्मशाला, जिला इंदौर में लगभग 4000 किसानों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नाम पर ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। संगठन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि किसानों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।