देवास। जिले के ग्राम मोखखेड़ी निवासी सुनील राठौर ने मंगलवार को कलेक्टर जनसुनवाई में आवेदन देकर अपने दो बच्चों को दुर्लभ एवं लाइलाज बीमारी वेल्सन डिजिज (विल्सन डिजीज) से पीड़ित बताते हुए उनके उपचार और दवाइयों की व्यवस्था कराने की मांग की है। आवेदन में सुनील राठौर ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय पुत्री लेखिता राठौर एवं 10 वर्षीय पुत्र योगेश राठौर वेल्सन डिजिज नामक गंभीर जेनेटिक बीमारी से ग्रसित हैं। वर्ष 2018 में उनकी पुत्री की हालत इतनी गंभीर हो गई थी कि वह बोलना, चलना और खाना-पीना तक बंद कर चुकी थी। उपचार के बाद स्वास्थ्य में सुधार हुआ, लेकिन चिकित्सकों ने बताया कि दोनों बच्चों को जीवनभर नियमित दवाइयां लेना आवश्यक है। प्रार्थी ने बताया कि दोनों बच्चों की दवाइयों पर प्रतिमाह करीब चार हजार रुपये खर्च होते हैं, जबकि वर्ष में तीन बार होने वाली जांचें भी काफी महंगी हैं। उन्होंने बताया कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं और दवाइयों का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। उन्होंने जिला अस्पताल देवास और इंदौर स्थित में भी मदद के लिए संपर्क किया, लेकिन उन्हें कोई सहायता नहीं मिल सकी। सुनील राठौर ने कलेक्टर से दोनों बच्चों की दवाइयों एवं उपचार की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग करते हुए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
