देवास। क्षत्रिय चौहान परिवार में जन्मे लोक आराध्य एवं वीर योद्धा जाहरवीर गोगादेव महाराज की गोगा नवमी के पावन अवसर पर देवास में विशाल एवं भव्य चल समारोह परंपरानुसार श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ निकाला गया। देर रात्रि तक शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरने वाला यह ऐतिहासिक चल समारोह रविवार अलसुबह मीठा तालाब पहुंचकर संपन्न हुआ। जाहरवीर गोगादेव महाराज का विशाल चल समारोह उज्जैन रोड स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर से प्रारंभ हुआ। इसके पश्चात चल समारोह एमजी रोड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ मीठा तालाब पहुंचा। चल समारोह में शामिल श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे मार्ग में जयकारों और धार्मिक वातावरण से शहर भक्तिमय बना रहा। चल समारोह में शामिल आकर्षक एवं मनमोहक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कलाकार पटेल गजू चांवरे द्वारा तैयार की गई झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस झांकी में माता बाछल की गोद में बाल स्वरूप में विराजित वीर जाहरवीर गोगादेव महाराज अठखेलियां करते हुए नजर आए। बाल स्वरूप में वीर गोगादेव की मनमोहक मुस्कान, चंचल भाव-भंगिमाओं और माता बाछल के वात्सल्य को झांकी के माध्यम से जीवंत रूप देने का सुंदर प्रयास किया गया। वहीं नीमनाथ घराना वासुदेवपुरा में भगत अमर धनगरा सांगते द्वारा आकर्षक गोगादेव महाराज मंदिर की झांकी तैयार की गई, जिसमें उनकी झड़ी (निशान) स्थापित की गई। इसके साथ ही सांवरिया सेठ की झांकी सहित कई आकर्षक धार्मिक झांकियां एवं निशान चल समारोह में शामिल रहे। चल समारोह में कुल 14 निशान शामिल हुए, जो श्रद्धालुओं की आस्था और परंपरा का प्रतीक बने रहे। देर रात्रि तक निकले इस भव्य चल समारोह का समापन अलसुबह मीठा तालाब पर हुआ, जहां धार्मिक परंपरा के अनुसार निशानों का विसर्जन किया गया।
लोक आराध्य वीर जाहरवीर गोगादेव महाराज का विशाल चल समारोह निकला, मनमोहक झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र

