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6 Sep 2026, Sun

बालयोगी संतोषनाथ की कठोर तपस्या का हुआ समापन, भक्तों ने लिया आशीर्वाद


तपोभूमि शीलनाथ धूनी परिसर के विकास के लिए शासन करेगा हरसंभव सहयोग – कैलाश विजयवर्गीय
देवास। माँ चामुण्डा एवं माँ तुलजा भवानी की पावन नगरी देवास स्थित श्रीमंत सद्गुरू योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज धूनी परिसर में नाथ संप्रदाय की दुर्लभ एवं कठोर 41 दिवसीय पंच धूणी अग्नि खड़ी तपस्या की पूर्णाहुति सोमवार, 29 जून को विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु धूनी परिसर पहुंचे और संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। यह विशेष साधना नाथ संप्रदाय के हरियाणा स्थित सुल्तानपुर मठ के गादीपति बालयोगी संतोषनाथ जी महाराज द्वारा की जा रही थी। पूर्णाहुति के अवसर पर सोमवार प्रात: 9 बजे वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हवन-पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात सद्गुरू योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज का पूजन एवं महाआरती की गई। इसके बाद दर्शन, आशीर्वाद एवं भण्डारा प्रसादी का क्रम प्रारंभ हुआ, जो शाम 4 बजे तक सतत जारी रहा। पूर्णाहुति समारोह में मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी धूनी परिसर पहुंचे। उन्होंने सर्वप्रथम श्रीमंत सद्गुरू योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज के दर्शन एवं पूजन किए, तत्पश्चात तपस्वी संतोषनाथ जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान शीलनाथ भक्त मंडल द्वारा मंत्री विजयवर्गीय का सम्मान कर उन्हें स्मृति चिन्ह स्वरूप चित्र भेंट किया गया। अपने प्रवास के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शीलनाथ धूनी परिसर के निर्माण कार्य हेतु शीघ्र ही राशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि देवास की यह पावन धरा संतों और आध्यात्मिक परंपराओं की भूमि रही है। सद्गुरू योगेंद्र शीलनाथ जी महाराज की तपोभूमि से समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं संस्कार प्राप्त होते हैं। इस दौरान उन्होंने शीलनाथ धूनी परिसर के विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए शासन स्तर पर हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए शीघ्र ही राशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की।
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