जनता से जीवट सम्पर्क से कथित गिने चुने बिलबिलाते विघ्न संतोषियों की बोलती बंद
देवास (निप्र)। जनसेवक का मूल अर्थ जनता का सेवक, लोकसेवक । यह शब्द उनके लिए उपयोग किया जाता है, जो निस्वार्थ भाव से जनता से जुड़े होते हैं। जन कल्याण, जनहित के कार्यों के प्रति समर्पित रहते है। लोगों के सुख दुख में साथ खड़े होते है। हाटपीपल्या, देवास, सोनकच्छ, शाजापुर, शुजालपुर, कालापीपल, आगर, आष्टा विधानसभा । देवास शाजापुर लोकसभा सीट की इन आठ विधानसभा क्षेत्रों में नगर एवं ग्रामीण स्तर पर इस समय सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी एक अच्छे ओर सच्चे जन प्रतिनिधि बनकर उभरे हैं।इसी जून माह के पिछले एक पखवाड़े में ही श्री सोलंकी विस्तृत रूप से सक्रिय जननेता एवं सशक्त नेतृत्वकर्ता बनकर उभरे हैं।
12-13 जून को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार के 12 वर्ष होने के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधारोपण कर ग्राम राजोदा से हाटपीपल्या विधानसभा से सघन जनसंपर्क प्रारंभकिया। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में देशभर में संचालित यशस्वी जनहितैषी कार्य सेवा, सुशासन, संस्कार, स्वच्छता, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित 2047 तक विकसित भारत का संकल्प लेकर पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं से मिलते जुलते विधानसभा मुख्यालय पर रात्रि विश्राम किया।
प्रातः हाटपीपल्या में शीतला माता मंदिर प्रांगण में साफ सफाई करते, स्वच्छता अभियान का संदेश देते हुए देवास विधानसभा क्षेत्र के गांवों में सघन दौरा करते हुए मंदिर में भजन भाव के साथ विजयागंज मंडी में रात्रि विश्राम किया। यहाँ से शुरू होकर सांसद श्री सोलंकी का प्रवास कार्यक्रम केंद्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को पूर्ण ऊर्जा, क्षमता से लोकसभा से जुड़ी बाकी 6 विधानसभाओं में भी बखूबी रखते हुए सघन रूप से संचालित हुआ। बिना किसी आम चुनाव के एक जनप्रतिनिधि के तौर पर इस महती जनसंपर्क अभियान की भांति अपने क्षेत्र में प्रवास कार्यक्रम के दौरान सांसद श्री सोलंकी की जनप्रिय छवि एवं सुदृढ़ नेतृत्वशक्ति परिलक्षित हुई।
मोदी जी की सरकार में चरितार्थ सेवा, सुशासन, संस्कार, सादगी, सौम्यता, सहृदयता, सहजता, शिष्टाचार का मानवीय भाव श्री सोलंकी के आचरण, कर्म ओर व्यवहार में दिखाई दिया। सक्रिय कदमताल के साथ अध्ययन, चिंतन से परिपूर्ण श्री सोलंकी की प्रभावी व्यक्तव्य कला ने भी जनता का मन, ध्यान शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं की तरफ खींचा। अपनत्व, प्रेम ओर आनंद के साथ इस प्रवास के दौरान सांसद जनता के मध्य कितने निकट तक पंहुचे। इसका अंदाजा सोशल साइट्स एवं मीडिया की सुर्खियों में वृद्धजनों के पूर्ण आत्मीयता ओर सम्मान के भाव पैर छूते, उनके बीच बैठकर बातचीत करते, नन्हे मुन्ने बच्चों को गोदी में उठाकर दुलारते, बालिकाओं द्वारा मंगल तिलक लगाते, सभाओ में भाषण देते, कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों के बीच गोल घेरा बनाकर बैठे संवाद करते, सार्वजनिक समारोहों, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हुए छायाचित्रों को देखकर ही लगाया जा सकता है। अभियान के दौरान हाटपीपल्या से शुरू होकर मंदिरों की साफ सफाई, स्वच्छता एवं दर्शन का क्रम लोकसभा सीट की प्रत्येक विधानसभा के गांव, शहर में अनवरत चलता रहा।
आगर विधानसभा के तनोडिया मंडल के ग्राम भुंडवास में श्री सोलंकी ने हजारों भक्तों के बीच संत कबीरदास जी के सत्संग में सहभागिता कर उनके अनुयायियों या यूं कहे कि एक व्यापक जनाधार का दिल जीत लिया। क्षेत्र में प्रवास के दिनों में श्री सोलंकी ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, संगठन पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के साथ पुराने, वरिष्ठ से लेकर मंडल एवं बूथ स्तर तक के भाजपा कार्यकर्ताओं, नेताओं के निवास पर पंहुचकर उनका सम्मान किया तो प्रवास वाले ग्रामों, शहरों में दिवंगत आत्माओं को पुष्प अर्पित कर, उनके परिवारों को सांत्वना देने, संवेदना व्यक्त करने पंहुचे। आष्टा के ग्राम मुंगाली पंहुचकर सैनिक का सम्मान किया। मातृशक्ति एवं जन सामान्य के संग पार्वती नदी के तट पर साफ सफाई करते जल स्त्रोतों को सहेजने का संदेश दिया तो प्राकृतिक, जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संवाद किया । कार्यकर्ताओं के साथ बाजार में फल इत्यादि की खरीददारी करते हुए वोकल फॉर लोकल यानि आत्म निर्भर भारत एवं डिजिटल इंडिया पर जोर दिया। महान राष्ट्र नायकों, महापुरुषों, संतो के प्रति श्री सोलंकी की अगाध श्रद्धा है। उनकी सोशल साइट्स पर हर दिन किसी न किसी महामना की जन्म जयंती, पुण्य स्मरण दिवस अवसर पर श्रद्धानवत की तस्वीर अवश्य नजर आती है। लोकसभा क्षेत्र में प्रवास कार्यक्रम के दौरान भी उनके द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा स्थापना एवं 17 जून को स्वाभिमानी शूरवीर महाराणा प्रताप जयंती की शौर्य यात्रा में सहभागिता कर पुष्पांजलि अर्पित करते दिखाई दिए ।
प्रवास कार्यक्रम में समग्र रूप से यह भी स्पष्ट हुआ कि सनातन धर्म, हिन्दुत्व का भाव सांसद श्री सोलंकी के मन में गहराई तक विद्यमान है। राजनैतिक विकृतियों से परे स्पष्ट, पारदर्शी, ईमानदार कार्यशैली के साथ श्री सोलंकी का अभी तक का सम्पूर्ण कार्यकाल संगठन निष्ठा, सेवा, सद्भावना ओर राष्ट्रवाद ही विकास का पूरक है। इस आधार से जुड़ा हुआ प्रतीत हुआ है। लोकसभा की समस्त विधानसभाओं में सघन प्रवास कार्यक्रम के बीच समय निकाल कर कभी वे देवास जिला मुख्यालय पर कभी वे जिलाध्यक्ष श्री रायसिंह सेंधव से संगठनात्मक विषयों पर संवाद करते, स्वयं कार ड्राइव कर नगर भ्रमण करते तो कभी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जिला प्रशासन द्वारा आयोजित योगाभ्यास कार्यक्रम में हिस्सा लेते नजर आए। इस प्रवास कार्यक्रम से पूर्व लोकसभा क्षेत्र में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण वर्गों में भी उनकी सक्रिय उपस्थिति दिखाई दी। भाजपा के प्रशिक्षण वर्गों से पहले से भी श्री सोलंकी की सक्रिय जनप्रिय छवि से जुड़े कई जगजाहिर उदाहरण है। कथित गिने चुने राजनीति में प्रविष्ट विघ्न संतोषियों, अपराधिक कृत्य, अवैधानिक धंधे करने वाले तत्वों को श्री सोलंकी की संगठन निष्ठा, सेवा, सद्भावना के साथ साथ सनातन, हिन्दुत्व से जुड़ी प्रखर, प्रबल छवि एवं सक्रिय राजनीति रास नहीं आती है ओर यदा कदा वे कुलबुलाते, बिलबिलाते रहते है ।
संसद के विगत ग्रीष्मकालीन सत्र में उपस्थिति एवं पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में श्री सोलंकी की व्यस्तता के बीच भी इन तथाकथित विघ्न संतोषियों, ब्लैकमेलरों, दलालो की कीड़े, मकोड़ों, काकरोचों की भांति बिलबिलाहट यानि असहनीय दर्द, तकलीफ, बिलबिलाहट सामने आई थी । श्री सोलंकी की सक्रिय राजनीति एवं नेतृत्व क्षमता ने इन तथाकथित काकरोचों की बोलती बंद करके रख दी है। हालांकि इन स्वार्थी विघ्न कर्ताओं की बिलबिलाहट बरकरार है, अंदर ही अंदर दर्द से कराह रहे है, लेकिन कुछ बोल नहीं पा रहे है…।

