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2 Mar 2026, Mon

गौमाता के साथ निर्दयता के विरोध में गौसेवकों ने दिया ज्ञापन

देवास। देवास में 24 फरवरी को सैकड़ों मृत गौवंश अवशेष मिलने, गौमाता की हड्डियों और चमड़े के कारोबार के सबूत का खुलासा करने के बाद गौसेवक युवती और उसके साथियों के साथ मारपीट ओर अपहरण करने और जान से मारने की कोशिश करने वाले निगम के कथित कर्मचारियों के विरुद्ध देवास और आसपास के गौसेवकों ने निगम कार्यालय में विरोध प्रदर्शन कर आयुक्त महोदय के नाम ज्ञापन दिया। उपयुक्त आरती खेडेकर ने ज्ञापन लेकर एक हफ्ते में कार्यवाही का आश्वासन दिया। आयुक्त महोदय के ज्ञापन लेने न आने पर सभी गौसेवकों ने मिलकर निगम की सद्बुद्धि के लिए हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। इस अवसर पर देवास सहित भोपाल, रतलाम, चापड़ा, छतरपुर, आष्टा, उज्जैन, खट्टांबा, नकलन और सोनकच्छ के गौरक्षक और सर्व हिंदू समाज के वरिष्ठ कार्यकर्ता और समाजसेवी उपस्थित रहे। गौसेवकों ने बताया कि गौमाता के शरीर से चमड़ा और हड्डियां निकालना मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रतिबंधित किया गया है और इस सम्बद्ध में उच्चतम न्यायालय दिल्ली द्वारा भी एक आदेश पारित किया गया है लेकिन फिर भी नगर निगम देवास के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से गौमाता की हड्डी और चमड़े का अवैध व्यापार किया जा रहा था और विरोध करने पर इन सभी कर्मचारियों ने गौसेवक युवती पर आक्रमण कर अगुवा करने ओर आग लगाने की कोशिश की जिसके वीडियो भी वायरल हुए हैं। लेकिन इन गौहत्यारों द्वारा अपने अन्य सहयोगियों के माध्यम से झूठी FIR लिखाई गई जिसमें यह सिर्फ 2 मृत गाय होना बता रहे हैं जबकि मौक़े पर सैकड़ों मृत ओर चमड़ा निकाला हुआ गौवंश पड़ा था साथ ही हड्डियां और खाल सुखाई जा रही थी और एक टीन शेड भी हड्डियों से भरा था। लेकिन पुलिस द्वारा इन तस्करों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई और मामले को सिर्फ मारपीट और झगड़े का बताने का प्रयास किया जा रहा है।गौसेकों की मांग है कि इस अवैध व्यापार में लिप्त निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा समाप्त की गई जाए और सभी के विरुद्ध FIR भी दर्ज की जाए और गौसेवक युवती और अन्य गौसेवकों पर किए गए झूठे मुकदमे को भी निरस्त किया जाए।