Breaking
20 Apr 2026, Mon

वरिष्ठ कवयित्री कॉमरेड प्रतिभा कुमार को ‘प्रथम भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार’ से सम्मानित

देवास। 14 अप्रैल 2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर भारत रत्न भीमराव अंबेडकर वाचनालय, सिद्धार्थ नगर, उज्जैन रोड पर आयोजित सादे व गरिमामय समारोह में सेवानिवृत्त न्यायाधीश रामप्रसाद सोलंकी साहब के करकमलों द्वारा वरिष्ठ कवयित्री कॉमरेड प्रतिभा कुमार को ‘प्रथम भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार’ प्रदान किया गया। आयोजन प्रगतिशील लेखक संघ देवास द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रथम वक्ता एडवोकेट श्री मांगीलाल काजोदिया ने शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक असमानता और वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से विचार रखते हुए कहा कि समाज को जागरूक होकर बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों को मजबूत बनाने और शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। स्कॉलर एकेडमी की प्रिंसिपल ज्योति देशमुख ने डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित ‘बुद्ध और उनका धम्म’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचारों को समझकर जीवन में अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। बहादुर पटेल ने सामाजिक समानता और संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भेदभाव को समाप्त करने के लिए संविधान को समझना जरूरी है। वरिष्ठ चिंतक एवं शिक्षाविद अरविंद सरदाना साहब ने वर्तमान लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं में हो रहे परिवर्तनों पर चिंता व्यक्त की। कार्यक्रम का सफल संचालन राजेंद्र राठौर ने किया। इस अवसर पर प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष कॉमरेड कैलाश सिंह राजपूत,प्राचार्य एफ बी मानेकर, एस एल परमार, रामसेवक जरहा, डॉक्टर एस एस मालवीय, सत्यवान पाटिल, कॉमरेड बाबूलाल वागड़े ने भी संबोधित किया और शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार के मुद्दों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में कॉमरेड प्रतिभा कुमार ने कविता पाठ किया। वहीं बद्रीलाल मालवीय एवं उनकी जीवन संगनी ने कबीर साहब का प्रसिद्ध भजन “मोको कहां ढूंढे रे बंदे…” प्रस्तुत किया। प्रारंभ में बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा अंत में आभार राजेंद्र राठौर द्वारा व्यक्त किया गया।