– देवास के 95 प्रतिशत पार्षद एमआईसी के फैसले से दुखी है
देवास। देवास की जनता क्षिप्रा बैराज में से किसी की हिस्सेदारी नहीं चाहती, क्योंकि क्षिप्रा बैराज का निर्माण, देवास की जनता की खून पसीने की कमाई से कराया गया है। सत्तापक्ष और नगर निगम में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग, कांग्रेस पर भ्रम और अफवाहें फैलाने के निराधार आरोप लगा रहे हैं, जो कि सिर्फ अपनी जिम्मेदारी और दायित्वों से बचने मात्र का बहाना है। उक्त बातें, देवास जिला शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में, कांग्रेस से विधानसभा प्रत्याशी रहे प्रदीप चौधरी ने पत्रकारों के समक्ष कहीं। श्री चौधरी ने नगर निगम में विधायक प्रतिनिधि श्री दुर्गेश अग्रवाल पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि आखिर गत दिनों प्रेस वार्ता के एक दिन पहले, भाजपा पार्षदों को बुलाकर, जिला अध्यक्ष की मौजूदगी में बैठक क्यों की गई ? निश्चित तौर पर पानी देने के मुद्दे पर असंतुष्ट पार्षदों पर दबाव बनाया गया है, ताकि वे अनुबंध का विरोध ना करें। निर्वाचित महापौर को स्वयं आगे आकर जनता को जवाब देना चाहिए और अगर सरकार या शासन स्तर पर इस मुद्दे पर कोई पत्राचार हुआ है तो उसे भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। क्षिप्रा बैराज से संबंधित किसी भी निर्णय के लिए नगर निगम परिषद को पूरे 45 वार्डों के पार्षदों की भी राय लेनी चाहिए। इस अवसर पर जिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रयास गौतम ने भी अपनी बात रखी और क्षिप्रा बैराज से मांगलिया को पानी देने के निर्णय के विरोध में सिलेसिलेवार बिंदुओं पर चर्चा की। प्रेस वार्ता के दौरान, पत्रकारों के समक्ष प्रदीप चौधरी ने क्षेत्र के सांसद और विधायक से भी मोबाइल पर चर्चा कर, दलगत राजनीति से ऊपर उठकर, जनहित को दृष्टिगत रखते हुए उनका समर्थन मांगा। पत्रकार वार्ता के दौरान जाहिद पठान, हारिस गजधर, सुजीत सांगते, शाहजी हाशमी, गोवर्धन देसाई, अशोक पटेल, डॉ.श्याम पटेल, रूपेश कल्याणे, इम्तियाज़ शेख भल्लू, वसीम हुसैन, मनोज सांकते, नीरज नागर, इशान राणा, दिग्विजय सिंह झाला, धर्मेंद्र सिंह कुशवाह,मोहित शर्मा, प्रथम सिंह पंवार आदि मौजूद रहे।
