देवास-शाजापुर में विकास हुआ और भी प्रबल!
किसान की खुशहाली, उद्यमी का सम्मान देवास-शाजापुर बन रहा आत्मनिर्भरता की पहचान!
देवास। देवास-शाजापुर संसदीय क्षेत्र को केन्द्र सरकार की कृषि संवर्धन, संवर्धन एवं लघु उद्योग से जुड़ी योजनाओं का भरपूर लाभ मिल रहा है। संसद के ताजा मानसून सत्र के सांसद श्री महेंद्र सिंह सोलंकी द्वारा किए गए प्रश्न पर खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री चिराग पासवान के जवाब में यह जानकारी सामने आयी। देश के अन्य सांसदों के साथ सांसद श्री सोलंकी ने प्रश्न किया कि क्या सरकार मध्य प्रदेश के देवास-शाजापुर संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में सोयाबीन, गेहूं, दलहन, बागवानी उपज और मोटे अनाजों के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और मूल्य संवर्धन को बढ़ाने हेतु कोई पहल की है। पिछले पाँच वर्षों के दौरान देवास शाजापुर निर्वाचन क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, शीतागार श्रृंखला, भांडागारों, मेगा फूड पार्क/पीएमकेएसवाई और अनुमोदित, स्वीकृत या संचालित परियोजनाओं तथा निवेश का ब्यौरा क्या है। क्या सरकार का कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए इस निर्वाचन क्षेत्र में नए खाद्य प्रसंस्करण संकुल, मोटे अनाज-आधारित प्रसंस्करण इकाइयों और कृषक उत्पादक संगठनों की स्थापना करने या उन्हें सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव है और यदि हाँ, तो तत्संबंधी ब्यौरा क्या है और देवास-शाजापुर में सृजित रोजगार, सूक्ष्म, लघु और मध्यम खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रदान की गई राजसहायता तथा कृषि-आधारित उद्योगों को मजबूत करने के लिए भविष्य की कार्ययोजना का ब्यौरा क्या है।
देवास-शाजापुर लोक सभा मीडिया प्रभारी शेखर कौशल ने जानकारी देते हुए बताया कि सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी के पूछे गए प्रश्नों पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने जवाब देते हुए कहा कि सोयाबीन, गेहूं, दालें, बागवानी उत्पाद और मिलेट के प्रसंस्करण सहित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के समग्र विकास को बढ़ावा देने और सुनिश्चित करने के लिए, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) अपनी दो केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं अर्थात प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई), खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (पीएलआईएसएफ पीआई), और केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई) के माध्यम से संबंधित अवसंरचना की स्थापना/विस्तार को प्रोत्साहित कर रहा है। ये योजनाएं मांग-आधारित हैं और मध्य प्रदेश के देवास-शाजापुर संसदीय क्षेत्र सहित पूरे देश में कार्यान्वित की जा रही हैं ।एमओएफपीआई अपनी योजनाओं के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण/परिरक्षण अवसंरचना को मजबूत करने में सहायता कर रहा है, जिससे उत्पादन और प्रसंस्करण क्षमता के बीच के अंतर को कम किया जा सके।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना के लिए उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की घटक योजनाओं के अंतर्गत पूर्ण परियोजनाओं के परिणामस्वरूप देश भर में लगभग 241.55 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) प्रति वर्ष का उत्पादन हुआ है, जिसमें से मध्य प्रदेश के देवास जिले में 1.99 एलएमटी प्रति वर्ष की उत्पादन क्षमता निर्मित की गई है। देवास जिले में मेगा फूड पार्क योजना अंतर्गत अवंती मेगा फूड पार्क में 146.07 करोड रुपए की परियोजना लागत, 50 करोड रुपए सहायता अनुदान, 40 करोड रुपए निजी निवेश तथा 240 लोगों को रोजगार के अवसर सृजित हुए है। देवास जिले में खाद प्रसंस्करण और परीक्षण क्षमता सृजन के तहत ऑयस्टर एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड में 20.50 करोड़ रुपए की परियोजना लागत, जिसमें 4.53 करोड़ स्वीकृत सहायता अनुदान, 4.46 करोड़ निजी निवेश तथा 52 लोगों को रोजगार के अवसर सृजित हुए है। इस प्रकार देवास-शाजापुर संसदीय क्षेत्र के कुल 13477 लोगों ने रोजगार के नए अवसरों का लाभ प्राप्त किया हैं।

