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30 Jul 2026, Thu

जैन समाज सामाजिक संगठन का तृतीय जिला सम्मेलन नेमावर के सिद्ध क्षेत्र में आयोजित हुआ 

 

देवास। जैन समाज सामाजिक संगठन का तृतीय जिला सम्मेलन नेमावर स्थित श्री सिद्ध क्षेत्र जैन तीर्थ में रविवार को आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महिदपुर विधानसभा के विधायक दिनेश जैन उपस्थित रहे। कार्यकर्म की अध्यक्षता सुरेश जी काला ने की।  विशिष्ट अतिथि के रूप में हरदा नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र जैन, शुजालपुर नगर पालिका परिषद की पूर्व अध्यक्ष रचना जैन, साधना न्यूज चैनल की हेड मेघा जैन तथा नरेंद्र पाटोदी, निखिल रारा, कैलाश सेठी, पवन जैन, प्रकाशचंद सेठी, संतोष बरडिया, प्रदीप बरडिया, मनीष जैन (कायथा) एवं राजकुमार नाहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए समाजजन मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत आचार्य विद्यासागर जी के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं नवकार मंत्र के मंगलाचरण के साथ हुई। पवन जैन ने मंचासीन अतिथियों, ट्रस्ट मंडलों के सदस्यों एवं समाजजनों का शब्दों के माध्यम से स्वागत किया। इसके पश्चात अतिथियों एवं पदाधिकारियों का प्रतीक चिन्ह, माला एवं दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। बाद में अतिथियों ने समाज को संगठित करने तथा जैन संस्कृति एवं संस्कारों के संरक्षण एवं संवर्धन पर अपने विचार व्यक्त किए। विशिष्ट अतिथि सुरेंद्र जैन ने कहा कि कहा जाता है कि जैनों की संख्या बहुत कम है, परंतु जिस भी क्षेत्र में हम देखेंगे, उस क्षेत्र की अग्रणी पंक्ति में हमें जैन दिखाई देंगे। यदि हम सभी अलग-अलग पंथों में बंटने के बजाय केवल जैन बनकर संगठित रहें, तो न हमारी संख्या कम दिखाई देगी और न ही हम कभी किसी से पीछे रहेंगे। विशिष्ट अतिथि रचना जैन ने जैन समाज सामाजिक संगठन को साधुवाद देते हुए कहा कि जिले के समस्त जैनों को एक सूत्र में पिरोने का बीड़ा सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जैन समाज हर क्षेत्र में राष्ट्र को समर्पण देने वाला समाज है, जो हमेशा देने की भावना के साथ कार्य करता है। वर्तमान समय में जैन तीर्थ स्थलों की सुरक्षा के लिए एकजुट होना आवश्यक है तथा समाज के उन जैन भाई-बहनों के परिवारों को भी आगे लाने के प्रयास किए जाने चाहिए, जो अभी पीछे रह गए हैं। सम्मेलन संयोजक नरेंद्र चौधरी ने कहा कि सभी उसी पावन भूमि पर बैठे हैं, जहां से करीब साढ़े पांच करोड़ साधु भगवंत मोक्ष को प्राप्त हुए और यही वह भूमि है, जहां से अयोध्या में बने राम मंदिर के वास्तु दोष के निवारण का मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने कहा कि देशभर में जैनों की संख्या भले ही कम हो, लेकिन जितने भी जैन हैं, वे अपने नाम में लिखे ‘जैन’ से ही ब्रांड बन जाते हैं। समाज को संगठित करने के लिए बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ समाज से जोड़ना होगा। इस दौरान गुरु वाणी के रूप में आशीर्वाद रूपी वाचन भी हुआ, जिसमें आशीर्वाद देते हुए कहा गया कि हमें अपने अस्तित्व को बनाए रखना होगा। जैन होने पर गौरव करना चाहिए तथा जैन समाज के गौरवशाली इतिहास को स्वयं जानकर दूसरों तक भी पहुंचाना चाहिए। संगठन के सचिव दिलीप चौधरी ने परम पावन श्री सिद्धक्षेत्र नेमावर की पावन भूमि को नमन करते हुए सभी अतिथियों, पदाधिकारियों एवं समाजबंधुओं का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि संगठन समाज को एक सूत्र में जोड़ने, विभिन्न ट्रस्टों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं को धर्म, संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। आज की विशाल उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि समाज संगठन की शक्ति और आवश्यकता को भली-भांति समझता है। उन्होंने कहा कि हमारी पहचान अलग-अलग परंपराओं से नहीं, बल्कि जैन धर्म के अहिंसा, अनेकांत, अपरिग्रह और समरसता जैसे महान सिद्धांतों से है। वर्तमान समय में एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। जब समाज संगठित होकर आगे बढ़ता है, तभी उसकी बात प्रभावी ढंग से सुनी जाती है और सकारात्मक परिवर्तन संभव होते हैं। उन्होंने सभी से व्यक्तिगत मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित को सर्वोपरि रखने तथा देवास जिले के इस संगठन को पूरे प्रदेश एवं देश के लिए प्रेरणा का मॉडल बनाने का आह्वान करते हुए “संगठित जैन समाज, सशक्त जैन समाज” का नारा बुलंद किया। संगठन अध्यक्ष महावीर जैन ने कहा कि तृतीय जिला जैन महासम्मेलन सभी के लिए गौरव का अवसर है। सम्मेलन का उद्देश्य केवल आयोजन करना नहीं, बल्कि देवास जिले के समस्त जैन समाज को एकता के सूत्र में जोड़कर शिक्षा, सेवा, संस्कार और सामाजिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है। अहिंसा, सत्य, संयम और सद्भाव समाज की पहचान हैं, जिन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी ट्रस्ट, मंडल और संगठनों से समाजहित में मिलकर कार्य करने तथा संगठित, संस्कारित और सशक्त जैन समाज के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि दिनेश जैन ने कहा कि जैन समाज मुख्य रूप से उद्योग से जुड़ा हुआ समाज है और लगभग हर क्षेत्र के उद्योग में समाज का व्यक्ति कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ उन नए उद्योगों में भी आगे बढ़कर भागीदारी करे, जिन्हें सरकार बढ़ावा दे रही है और जिनमें पर्याप्त सब्सिडी भी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक उद्योगों को भूले बिना भविष्य की दृष्टि से नई योजनाओं का लाभ उठाना चाहिए तथा जैन समाज सामाजिक संगठन समाज के युवाओं को इन योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करे। सम्मेलन के अंत में संगठन संयोजक नरेंद्र जैन ने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता, संगठन और संस्कारों में निहित है। जैन समाज के सभी ट्रस्ट, मंडल, संस्थाएं और युवा शक्ति यदि एक मंच पर मिलकर कार्य करें तो समाज विकास की नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने सामाजिक समरसता, धार्मिक मूल्यों के संरक्षण तथा नई पीढ़ी को जैन संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए संगठन को मजबूत बनाने, आपसी सहयोग बढ़ाने तथा समाजहित के प्रत्येक कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन संदीप जैन ने किया तथा आभार गिरीश संघवी ने माना। जानकारी संगठन के कोषाध्यक्ष विनोद जैन ने दी। सम्मेलन में जैन समाज सामाजिक संगठन के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य के साथ देवास जिले के समस्त जैन मंदिर ट्रस्टों के पदाधिकारी एवं सदस्य सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।